LIC Bima Sakhi Scheme: दिसंबर में भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation – LIC) ने बीमा सखी योजना (Bima Sakhi Scheme) शुरू की। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण (Rural) महिलाओं को बीमा एजेंट के रूप में काम करने का मौका देना है। इससे वे आजीविका (Livelihood) कमा सकेंगी और ग्रामीण इलाकों में बीमा (Insurance) के प्रति जागरूकता बढ़ा पाएंगी। इस योजना के तहत, पहले साल में 1 लाख महिलाओं को बीमा सखी के रूप में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उन्हें रोजगार (Employment) का नया अवसर मिलेगा।
योजना का उद्देश्य
बीमा सखी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण (Rural) महिलाओं को एलआईसी (LIC) के तहत बीमा एजेंट बनने का अवसर देकर उन्हें आर्थिक (Financial) रूप से सशक्त बनाना है। इसके साथ ही, यह योजना बीमा (Insurance) के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। पहले साल में 1 लाख और अगले तीन वर्षों में 2 लाख महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे अविकसित (Underprivileged) क्षेत्रों में बीमा सेवाएं पहुंच सकें।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
बीमा सखी योजना के लिए आवेदन करने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए:
- आयु (Age): 18 से 50 वर्ष के बीच
- शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification): न्यूनतम माध्यमिक (Madhyamik) पास
- ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी
- पहले से किसी एलआईसी (LIC) एजेंट या कर्मचारी के रिश्तेदार आवेदन नहीं कर सकते
बीमा सखी योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
जो महिलाएं इस योजना में शामिल होना चाहती हैं, वे एलआईसी (LIC) की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
- आवेदन फॉर्म और पंजीकरण की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
- आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
बीमा सखी योजना की मुख्य विशेषताएं (Key Features)
मासिक वेतन (Monthly Salary)
बीमा सखी बनने वाली महिलाओं को पहले तीन वर्षों तक निश्चित वेतन मिलेगा, साथ ही वे अपनी बेची गई बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) से कमीशन (Commission) भी अर्जित कर सकेंगी।
- पहले वर्ष: ₹7,000 प्रति माह
- दूसरे वर्ष: ₹6,000 प्रति माह
- तीसरे वर्ष: ₹5,000 प्रति माह
प्रशिक्षण और विकास (Training and Development)
एलआईसी (LIC) पहले तीन वर्षों तक सभी बीमा सखी (Bima Sakhi) को प्रशिक्षण देगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे पूर्णकालिक बीमा एजेंट (Insurance Agent) बन सकती हैं या विकास अधिकारी (Development Officer) बनने के लिए पात्र हो सकती हैं।
यह योजना उन महिलाओं के लिए एक शानदार अवसर है जो अपनी आर्थिक (Financial) स्थिति को मजबूत करना चाहती हैं और ग्रामीण (Rural) क्षेत्रों में बीमा की पहुंच बढ़ाने में योगदान देना चाहती हैं।