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बड़ी उपलब्धि || इंडो-पाक युद्ध के जांबाज की पोती बनी नर्सिंग ऑफिसर, पाया 59वां रैंक

बड़ी उपलब्धि: मंडी। हिमाचल के छोटे छोटे गांवों से बाहर निकल कर बेटियां बड़े बड़े मुकाम हासिल कर रही हैं। ऐसी ही एक बेटी मंडी जिला के सरकारघाट की शिवानी ठाकुर है। शिवानी ठाकुर का चयन एम्स में बतौर नर्सिंग ऑफिसर के पद पर हुआ है। उपमंडल सरकारघाट के समसाइ गांव पपलोग की शिवानी ठाकुर की […]
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HIGHLIGHTS
  • शिवानी ठाकुर ने हासिल किया 59वां रैंक
  • एम्स बिलासपुर में बनी नर्सिंग ऑफिसर
  • इंडो-पाक युद्ध के जांबाज की पोती है नर्सिंग ऑफिसर

बड़ी उपलब्धि: मंडी। हिमाचल के छोटे छोटे गांवों से बाहर निकल कर बेटियां बड़े बड़े मुकाम हासिल कर रही हैं। ऐसी ही एक बेटी मंडी जिला के सरकारघाट की शिवानी ठाकुर है। शिवानी ठाकुर का चयन एम्स में बतौर नर्सिंग ऑफिसर के पद पर हुआ है। उपमंडल सरकारघाट के समसाइ गांव पपलोग की शिवानी ठाकुर की इस उपलब्धि से पूरे परिवार सहित गांव में खुशी का माहौल है।

शिवानी ठाकुर ने हासिल किया 59वां रैंक

इस होनहार बेटी शिवानी ठाकुर ने बताया कि उसने इस परीक्षा को पास करने के लिए काफी मेहनत की है और इसी मेहनत के दम पर ही देश भर में सामान्य वर्ग से 59वां रैंक हासिल किया है। बेटी की इस कामयाबी से उसके माता पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उन्हें लगातार बधाई संदेश आ रहे हैं।

एम्स बिलासपुर में बनी नर्सिंग ऑफिसर

शिवानी ठाकुर की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने 10वीं कक्षा डीएवी गरेहयो और 12वीं की पढ़ाई राजकीय पाठशाला सरकाघाट (Government School Sarkaghat) से पास की है। इसके साथ ही शिवानी ठाकुर ने बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing) की पढ़ाई शिवालिक नर्सिंग कॉलेज शिमला से पूरी की है। शिवानी ठाकुर की पहली पोस्टिंग एम्स बिलासपुर में हुई है।

बड़ी उपलब्धि: इंडो-पाक युद्ध के जांबाज की पोती बनी नर्सिंग ऑफिसर, पाया 59वां रैंक
बड़ी उपलब्धि: इंडो-पाक युद्ध के जांबाज की पोती बनी नर्सिंग ऑफिसर, पाया 59वां रैंक

इंडो-पाक युद्ध के जांबाज की पोती है नर्सिंग ऑफिसर

बता दें कि शिवानी ठाकुर के दादा स्व रोशन लाल भारतीय सेना में कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह डोगरा रेजिमेंट 16 से 1965 की इंडो पाक लड़ाई के योद्धा भी रहे थे। इसके अलावा शिवानी के पिता कृष्ण पाल रसायन विज्ञान के प्रवक्ता के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। जबकि माता लता ठाकुर गृहणी हैं। शिवानी ठाकुर के भाई मर्चेंच नेवी में ऑफिसर है।

शिवानी ठाकुर (Shivani Thakur)  ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता के अलावा अपने शिक्षकों को दिया है। शिवानी ठाकुर ने बताया कि उसके माता पिता ने हमेशा ही उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं पिता कृष्ण पाल ने बताया कि शिवानी बचपन से ही पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहती थी। वह स्कूली परीक्षाओं में भी सबसे आगे रहती थी।

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Web Title: Shivani thakur daughter of sarkaghat in mandi district of himachal became nursing officer in aiims bilaspur