Chamba Pangi News: पांगी में वन विभाग ने बजट अभाव का दिया हवाला देकर 56 दैनिक वेतन भोगियों को दिखाया बाहर का रास्ता

Chamba Pangi News:  जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी में वन विभाग के अंतर्गत कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को इस वर्ष कार्य पर न रखने के फैसले के खिलाफ बुधवार को कर्मचारियों के संघ ने विरोध दर्ज करवाया। इस संदर्भ में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम पांगी रमन घरसंघी को एक ज्ञापन सौंपते हुए विभाग के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई और शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि वन विभाग में कार्यरत करीब 56 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, जो पिछले 20 वर्षों से विभाग के विभिन्न कार्यों में सेवाएं दे रहे हैं, इस बार काम पर नहीं लिए गए हैं। इनमें से कई कर्मचारी नर्सरियों में पौधारोपण, देखरेख व अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में वर्षों से जुड़े हुए हैं। अचानक काम से हटाए जाने के चलते इन कर्मचारियों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।

संघ के सदस्यों में चंद्रो, शेर सिंह, हिरा लाल, सुरेंद्र, वंदना, इंद्रा, आरती, कुसला, अनिता, कांता, रीता, आशा, भान देई, जोबन देई, देवराज, सुरेश और देवी सिंह सहित अन्य कर्मियों ने बताया कि उन्होंने पूरी निष्ठा और मेहनत से विभाग के लिए कार्य किया है, लेकिन इस वर्ष विभाग द्वारा उन्हें कार्य पर न रखने से उनके परिवारों का पालन-पोषण करना कठिन हो गया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग की ओर से पिछले तीन वर्षों से उनके भुगतान लंबित थे, जिसमें से केवल वर्ष 2024 का आंशिक भुगतान ही अब तक किया गया है। कर्मियों का कहना है कि यह न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि वर्षों की सेवा का अपमान भी है।

जब इस विषय में वन विभाग से संपर्क किया गया तो विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस वर्ष विभाग के पास दैनिक वेतन भोगियों को रखने के लिए बजट का कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। विभाग के अनुसार बजट अभाव के चलते ही इन कर्मचारियों को कार्य पर नहीं लिया जा रहा है।

संघ के सदस्यों ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी इस मुद्दे पर मुलाकात की है और अपनी समस्याओं से अवगत करवाया है। मुख्यमंत्री से उन्हें सकारात्मक आश्वासन भी मिला, लेकिन अभी तक विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

एसडीएम पांगी रमन घरसंघी को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने यह आग्रह किया कि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि इन कर्मचारियों की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए और उन्हें पुनः कार्य पर बहाल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो कर्मचारी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पांगी क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों ने भी इन कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई है और विभाग से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है।