Smart Meter News || स्मार्ट मीटर ने दिया 440 वोल्ट का झटका! 1 लाख लोगों का बैलेंस हुआ ‘जीरो’, सिस्टम फेल होने से मचा हड़कंप

Smart Meter News || पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) के उपभोक्ताओं के लिए एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। अगर आप भी घर में स्मार्ट मीटर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अपना बैलेंस जरूर चेक कर लें। तकनीकी गड़बड़ी के चलते करीब एक लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर (Smart Prepaid Meter) उपभोक्ताओं की बैलेंस गणना एकाएक बिगड़ गई। लोग उस वक्त हैरान रह गए जब उनके मीटर में पैसे होने के बावजूद बैलेंस शून्य (Zero) दिखने लगा। विभाग ने खुद माना है कि सिस्टम पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया था, जिससे हजारों परिवारों को परेशानी उठानी पड़ी।
यह समस्या छोटे-मोटे स्तर पर नहीं, बल्कि बहुत बड़े पैमाने पर हुई है। अधिकारियों ने बताया कि 11 दिसंबर को सिस्टम की टेस्टिंग, जिसे ‘साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट’ कहते हैं, कई बार फेल हुआ। इसके चलते बिजली उपभोक्ता (Electricity Consumers) का डेटा गड़बड़ा गया। मीटरों में शुल्क काटने वाला सॉफ्टवेयर काम करना बंद कर गया और देखते ही देखते लाखों लोगों के मीटर का बैलेंस गायब हो गया। स्मार्ट मीटर को लेकर लोग पहले भी शिकायतें करते रहे हैं, लेकिन इतने बड़े स्तर पर सिस्टम फेल होने का यह पहला मामला है।
इन 13 जिलों में मचा हड़कंप
इस तकनीकी खामी का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 13 प्रमुख जिलों पर पड़ा है। इनमें मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। इसके अलावा सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, बागपत, शामली, हापुड़, अमरोहा और संभल में भी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) के उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि निगम अपने डेटा के लिए पूरी तरह से प्राइवेट कंपनी (सर्विस प्रोवाइडर) पर निर्भर है। दस महीने बीत जाने के बाद भी विभाग के पास खुद डेटा निकालने का कोई तरीका नहीं है।
समस्या सिर्फ बैलेंस जीरो होने तक सीमित नहीं रही। पोस्टपेड से प्रीपेड में शिफ्ट होने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतें आईं। शामली जिले में तो एक अजीब ही मामला देखने को मिला। वहां तमाम उपभोक्ताओं ने अपना बिजली बिल (Electricity Bill) या रिचार्ज का पैसा जमा कर दिया था, फिर भी उन्हें कई दिनों तक बिजली नहीं मिली। कारण था- आउटडेटेड ऐप और गलत डेटा। यानी पैसा कट गया, लेकिन मीटर चालू नहीं हुआ। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच की उठी मांग
इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद अब हंगामा बरपा हुआ है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिषद का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) को इस पर सख्त एक्शन लेना चाहिए। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर सिस्टम में तमाम खामियां हैं जिन्हें अब तक छुपाया जा रहा था। पहली बार विभाग ने गलती मानी है। उन्होंने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है क्योंकि ऐसी गलती अन्य जगहों पर भी हो सकती है, जिससे जनता को बेवजह परेशान होना पड़ेगा।
