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Good News : देश में 15 रुपए लीटर तक गिर जाएंगे पेट्रोल के दाम! सरकार के ऐलान से देशभर में खुशी का माहौल

Good News : एथेनॉल क्या है और यह किसानों को कैसे मदद कर सकता है? आइए जानते हैं कि एथेनॉल क्या है और कैसे इससे किसानों को फायदा होगा।  एथेनॉल की विश्वव्यापी कीमतें छह साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। चीनी बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में इन खबरों के बाद तेजी आई […]
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HIGHLIGHTS
  • किसानों को सीधा लाभ मिलेगा
  • स्टैंडर्ड फ्यूल के रूप में उपयोग की अनुमति

Good News : एथेनॉल क्या है और यह किसानों को कैसे मदद कर सकता है? आइए जानते हैं कि एथेनॉल क्या है और कैसे इससे किसानों को फायदा होगा।  एथेनॉल की विश्वव्यापी कीमतें छह साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। चीनी बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में इन खबरों के बाद तेजी आई है। एथेनॉल एक प्रकार का ऑइल है जिसे पेट्रोल में मिलाकर मोटर वाहनों में फ्यूल के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने से बनाया जाता है, लेकिन शर्करा वाली कई अन्य फसलों से भी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत इथेनॉल और 40 प्रतिशत बिजली का उपयोग करने पर पेट्रोल 15 रुपये प्रति लीटर पर मिल सकता है।

किसानों को सीधा लाभ मिलेगा

 केंद्र सरकार चावल और मक्के से भी इसे बनाने की योजना बना रही है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतें दो डालर प्रति गैलन के छह साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे घरेलू शुगर उद्योग की स्थिति बहुत बेहतर होगी, हालांकि इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। किसानों के बकाया गन्ने का भुगतान भी जल्दी हो सकता है। केंद्र सरकार ने देश में एथेनॉल का उत्पादन बढ़ाने के लिए सस्ती दरों पर लोन दे रहा है, इससे किसानों और आम लोगों को काफी लाभ मिलता है। हाल ही में कई ऐसे प्लांट को मंजूरी मिल चुकी है। इससे एक और प्लांट बनेगा और हमारे देश के युवा लोगों को काम मिलेगा। वहीं उत्पादन बढ़ने से गन्ने का बकाया भुगतान जल्दी होगा। फसलों का अधिक इस्तेमाल करने से किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। क्योंकि गन्ना, मक्का और कई अन्य फसलों से एथेनॉल बनाया जाता है चीनी मिलों को अपने प्रति बकाया को चुकाने का एक नया तरीका मिलेगा।

स्टैंडर्ड फ्यूल के रूप में उपयोग की अनुमति

केंद्रीय सरकार ने भी स्टैंडर्ड फ्यूल के रूप में इस्तेमाल की अनुमति दी है, जिससे तेल कंपनियों को सीधे हंड्रेड बेचने की अनुमति मिल गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय से एथेनॉल को पेट्रोल और डीजल की तरह उपयोग किया जा सकेगा। यह पहले पेट्रोल में मिलाया गया था। सरकार का लक्ष्य फिलहाल 20% एथेनॉल को पेट्रोल में मिलाने का है।  2022 तक सरकार ने पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल ब्लैंडिंग का लक्ष्य रखा था। 

 

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Web Title: The governments announcement that petrol prices will fall by rs