Rules Changing From 1st April: नई दिल्ली: अगर आपका खाता किसी बैंक में है, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है। क्योंकि 1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में बैंकिंग से जुड़ी कई नई नियमों का पालन किया जाएगा। इसका सीधा असर आपके सेविंग्स अकाउंट, क्रेडिट कार्ड और एटीएम ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा। अगर अब तक आपको इन बदलावों के बारे में जानकारी नहीं है, तो यह जानना आपके लिए जरूरी है। क्योंकि इसे नजरअंदाज करने पर आपको शुल्क भी चुकाना पड़ सकता है।
ATM निकासी पर नया शुल्क
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम से पैसे निकालने पर नए नियम लागू किए हैं। अब से, ग्राहकों को दूसरे बैंकों के एटीएम से पैसे निकालने पर शुल्क चुकाना होगा। पहले जहां मुफ्त निकासी की सीमा थी, वहीं अब एक ग्राहक को दूसरे बैंक के एटीएम से महीने में केवल तीन बार ही मुफ्त में पैसे निकालने का अवसर मिलेगा। उसके बाद, हर ट्रांजैक्शन पर 20 से 25 रुपए तक का शुल्क लगेगा। इसका मतलब है कि यदि आप महीने में तीन से अधिक बार दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो आपको हर बार फीस का भुगतान करना होगा।
ट्रांजैक्शन शुल्क में बढ़ोतरी
अभी तक आपको एटीएम से पैसे निकालने के लिए 17 रुपए का शुल्क चुकाना पड़ता था, जो अब 1 मई 2025 से बढ़ाकर 19 रुपए किया जाएगा। इसके साथ ही, गैर वित्तीय ट्रांजैक्शन जैसे मिनी स्टेटमेंट या बैलेंस चेक पर भी शुल्क बढ़ने जा रहा है। वर्तमान में 6 रुपए चार्ज किया जाता है, जिसे बढ़ाकर 7 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन कर दिया जाएगा।
डिजिटल बैंकिंग में आ रहे हैं नए फीचर
बैंक डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए नए फीचर्स जोड़ रहे हैं। अब ग्राहकों को ऑनलाइन बैंकिंग से बेहतर सेवाएं मिलेंगी। इसके लिए बैंक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से चलने वाले चैटबॉट भी ला रहे हैं, जो ग्राहकों की मदद करेंगे। इसके अलावा, डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसे सुरक्षा फीचर्स भी उपलब्ध होंगे।
मिनिमम बैलेंस से जुड़ी नई शर्तें
SBI (State Bank of India), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), केनरा बैंक (Canara Bank) और अन्य कई बैंकों ने मिनिमम बैलेंस से संबंधित नियमों में बदलाव किया है। अब मिनिमम बैलेंस का निर्धारण इस बात पर निर्भर करेगा कि आपका खाता शहरी (Urban), अर्ध-शहरी (Semi-Urban) या ग्रामीण (Rural) इलाके में स्थित है। यदि खाता मालिक निर्धारित राशि से कम बैलेंस रखता है, तो उसे जुर्माना भरना पड़ सकता है।