RBI का बड़ा फैसला: अब बंद खातों में फंसा करोड़ों रुपया मिलेगा वापस, SBI ने शुरू की घर-घर मुहिम
- कैंप लगाकर ढूंढे जा रहे ग्राहक
- सरकार की नई पहल और प्रक्रिया
- वापस पैसा पाने का तरीका
- छोटी रकम और भूले हुए खाते
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने सालों से बंद पड़े खाते में जमा रकम को उनके खाताधारकों को वापस लौटाने की योजना शुरू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत सभी बैंक अपने यहां इस तरह के डेफ फंड (DEAF Fund) में जमा धनराशि को उसके असली खाताधारक तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। स्टेट बैंक (State Bank) में ऐसे 61 हजार खाते हैं, जिनमें 21 करोड़ की रकम जमा है। इन खातों को खुलवाने के बाद लोग भूल गए और 10 सालों से इनमें लेनदेन नहीं किया। अब बैंक इन खाताधारकों (Account Holders) को ढूंढ रहा है। इसके लिए जगह-जगह कैंप लगाए जा रहे हैं।
कैंप लगाकर ढूंढे जा रहे ग्राहक
स्टेट बैंक अब तक ऐसे 300 ही खाताधारकों को ढूंढ सका है, जिनके 75 लाख रुपये डेफ फंड (Depositor Education and Awareness Fund) में जमा थे। कैंप के जरिए उन खाताधारकों को उनकी रकम लौटाई गई है, बाकी दावेदारों की भी तलाश की जा रही है। एक दशक से लेनदेन नहीं होने पर बैंकों द्वारा उन खातों को निष्क्रिय कर दिया जाता है। इन खातों में जमा धनराशि को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास ट्रांसफर कर दिया जाता है। पूरे देश में ऐसे खातों की संख्या लाखों में पहुँच चुकी है, जिनमें करोड़ों रुपये जमा हैं।
सरकार की नई पहल और प्रक्रिया
भारत सरकार (Government of India) ने इन निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय कर खाताधारकों को उनकी राशि लौटाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके लिए ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ योजना शुरू की गई। इस योजना पर अमल भी शुरू हो गया है। अकेले स्टेट बैंक की शाखा में 61 हजार खाते हैं, जिनमें 10 सालों से अधिक समय से लेनदेन (Transaction) नहीं होने पर उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया और उन्हें डेफ फंड मान लिया गया। अब इनके खाताधारकों को वापस लौटाने की मुहिम चलाई जा रही है।
वापस पैसा पाने का तरीका
भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक (Regional Manager) प्रभात कुमार ने बताया है कि डेफ फंड में जमा धनराशि खाताधारकों को वापस दिलाने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। इनमें जिला प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अभी तक हम 300 खाताधारकों को 75 लाख रुपये लौटा चुके हैं। अपनी रकम लेने को खाताधारक को केवाईसी (KYC) करानी होगी। खाताधारक अपने बैंक दस्तावेज, पहचान पत्र और संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर अपने खातों को फिर से सक्रिय कर सकते हैं। आवेदन सत्यापन और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका पैसा खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।
छोटी रकम और भूले हुए खाते
एसबीआई की कोऑर्डिनेटर (Coordinator) पूजा शर्मा ने बताया है कि डेफ फंड में ज्यादातर छोटी रकम होने की वजह से खाताधारक भूल गए। उदाहरण के लिए, खाताधारक राजकुमार ने 12 साल पहले एसबीआई में खाता खुलवाया, लेकिन ज्यादा समय तक लेनदेन नहीं किया। इसके बाद भूल गए। बैंक ने संपर्क किया तो खाते की याद आई। डेफ फंड खाते में 2,340 रुपये थे, जो केवाईसी के बाद बैंक ने वापस लौटा दिए। इसके अलावा ऐसे खाताधारक भी हैं, जो सरकारी नौकरी (Government Job) वाले हैं और उनका ट्रांसफर हो गया है, जो अपने खातों को भूल चुके हैं।
