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Riches Business Stories: सड़क से शुरू हुई थीं ये कंपनियां, आज करती हैं लाखों-करोड़ों का कारोबार

Riches Business Stories: दुनियां में आज ऐसी कई कंपनियां है जो अरबों में बिजनेस कर रही है। कभी वह कंपनियां जीरो थी लेकिन आज वहीं कंपनियां देश की नंबर वन कंपनियां है। कभी उन कंपनियों के मालिक फुटपाथ पर ठेला लगाते थे। किसी ने स्टेशन पर सामान बेचा, तो किसी ने सड़क किनारे छोटी सी दुकान से शुरुआत करके आज बड़ी…
Riches Business Stories:
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HIGHLIGHTS
  • नायका
  • पारले जी
  • अमूल
  • गति कोरियर

Riches Business Stories: दुनियां में आज ऐसी कई कंपनियां है जो अरबों में बिजनेस कर रही है। कभी वह कंपनियां जीरो थी लेकिन आज वहीं कंपनियां देश की नंबर वन कंपनियां है। कभी उन कंपनियों के मालिक फुटपाथ पर ठेला लगाते थे। किसी ने स्टेशन पर सामान बेचा, तो किसी ने सड़क किनारे छोटी सी दुकान से शुरुआत करके आज बड़ी कंपनियां बनाई हुई है। चलिए, आपको ऐसे ही कुछ कंपनियों के बारे में बताते हैं जिनकी शुरुआत एक तो छोटे स्तर से हुई थी लेकिन आज वे लाखों-करोड़ों का कारोबार कर रही हैं.

नायका

कभी एक इंवेस्टमेंट बैंकर (Investment Banker) रहीं फाल्गुनी नायर (Falguni Nayar) ने 2012 में एक छोटे ऑनलाइन स्टोर (Online Store) से ‘नायका’ की शुरुआत की थी। उन्हें कॉर्पोरेट दुनिया छोड़ने का साहस इस विश्वास से मिला कि भारत में महिलाओं की ब्यूटी जरूरतें (Beauty Needs) को समझने वाला कोई प्लेटफॉर्म होना चाहिए। आज नायका शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्टेड एक अरबों की वैल्यू वाली कंपनी बन चुकी है।

पारले जी

पारले जी (Parle-G) बिस्किट सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि संघर्ष (Struggle) और संघठन (Unity) की कहानी है। मोहनलाल दयाल (Mohanlal Dayal) और उनके परिवार के 12 लोगों ने विले पारले में एक बंद फैक्ट्री से इसकी नींव रखी। द्वितीय विश्व युद्ध  के समय इसकी लोकप्रियता ने उड़ान भरी और आज यह भारत के हर नुक्कड़ से लेकर बड़े मॉल तक मौजूद है।

अमूल

गुजरात (Gujarat) के दूध उत्पादक किसानों (Milk Farmers) को जब सही दाम नहीं मिलते थे, तो उन्होंने मिलकर एक क्रांति की शुरुआत की। अमूल (Amul) का जन्म हुआ – एक ऐसा सहकारी आंदोलन (Cooperative Movement) जिसने भारत को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बना दिया। आज अमूल एक वैश्विक ब्रांड (Global Brand) बन चुका है, जिसकी मिसाल दुनियाभर में दी जाती है।

गति कोरियर

1989 में शुरू हुई ‘गति कोरियर (Gati Courier) एक समय पर एक ट्रक से लॉजिस्टिक्स की दुनिया में कदम रखती है। आज यह कंपनी ट्रांसपोर्टेशन (Transportation) और पैकर्स एंड मूवर्स (Packers and Movers) की दुनिया में अग्रणी बन चुकी है। इसका नेटवर्क पूरे भारत और कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स (International Routes) में फैला हुआ है।

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Web Title: Rags to riches business stories
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