EPFO New Rule: निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब उन्हें पीएफ खाते से पैसा निकालने में बहुत मुश्किल नहीं होगी। वे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से अपने पीएफ खाते से धन निकाल सकेंगे। यह सुविधा अगले दो से तीन महीने में शुरू हो सकती है।
क्या नई व्यवस्था है?
सरकार एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रही है जिसके तहत EPFO (Employee Provident Fund Organisation) के सब्सक्राइबर्स UPI प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अपने क्लेम को जमा कर सकेंगे। इससे धन ट्रांसफर करना आसान और तेज होगा। फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने बताया कि EPFO ने इसके लिए एक ब्लूप्रिंट बनाया है और नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ चर्चा कर रहा है।
EPFO की डिजिटल व्यवस्था में परिवर्तन
लेबर मिनिस्ट्री, कमर्शियल बैंकों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) EPFO का डिजिटल सिस्टम बदल रहे हैं। इसका उद्देश्य यूजर के अनुभव को बेहतर बनाना और विदड्रॉल की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
सब्सक्राइबर्स को कैसे मिलेगा फायदा?
- UPI के जरिए PFका पैसा निकालने की सुविधा शुरू होने के बाद सब्सक्राइबर्स को अपने पीएफ खाते से पैसे निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
- यह सुविधा विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले सब्सक्राइबर्स के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।
- डिजिटल वॉलेट के जरिए पीएफ अकाउंट से पैसे निकालना आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
इनवेस्टमेंट के तरीके में भी बदलाव
ईपीएफओ निवेश के तरीके में भी बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश को 20% से घटाकर 10% किया जा सकता है। इसके लिए लेबर मिनिस्ट्री फाइनेंस मिनिस्ट्री से मंजूरी लेगी। इसकी मुख्य वजह पब्लिक सेक्टर बॉन्ड्स का कम रिटर्न और सप्लाई है।
- इस बदलाव के बाद EPFO कॉर्पोरेट बॉन्ड में ज्यादा निवेश कर सकेगा, जो ज्यादा रिटर्न देते हैं।
- यह प्रस्ताव नवंबर 2024 में ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में मंजूर हुआ था।
- इस बदलाव से EPFO के 7 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स की रिटायरमेंट सेविंग्स पर असर पड़ेगा।