7th Pay Commission के तहत केंद्र सरकार के लगभग 33 लाख कर्मचारी और 66 लाख पेंशनर्स इस साल की दूसरी DA बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि यह सातवें वेतन आयोग की अंतिम DA और DR वृद्धि हो सकती है, क्योंकि यह सिफारिशें जनवरी 2016 से लागू हुई थीं और दिसंबर 2025 में समाप्त होने वाली हैं। इस बार की बढ़ोतरी से महंगाई राहत (Dearness Relief) भी प्रभावित होगी। महंगाई भत्ते की वृद्धि भले ही जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाती है, लेकिन इसकी घोषणा अकसर देरी से होती है। आमतौर पर सरकार त्योहारी सीजन के करीब, यानी अक्टूबर में कर्मचारियों और पेंशनर्स के खातों में DA की बढ़ी हुई राशि भेज देती है। इस साल भी 7th Pay Commission के तहत DA में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है, जिससे कर्मचारियों को त्योहार पर बड़ी राहत मिल सकती है।
मार्च 2025 में, सरकार ने जनवरी 2025 से लागू एक 2% की वृद्धि की घोषणा की थी, जिससे DA 53% से बढ़कर 55% हो गया। महंगाई भत्ता कर्मचारियों की मुद्रास्फीति से सुरक्षा का एक अहम ज़रिया होता है। अब सवाल उठता है कि इस बार DA में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है और 7वें वेतन आयोग के नियम इसे कैसे तय करते हैं? DA की गणना CPI-IW (Consumer Price Index for Industrial Workers) के आंकड़ों के आधार पर की जाती है। यह आंकड़े श्रम मंत्रालय के अंतर्गत श्रम ब्यूरो द्वारा हर महीने जारी किए जाते हैं। इन आंकड़ों से यह तय किया जाता है कि कर्मचारियों की वेतन पर महंगाई का कितना असर पड़ा है। इस बार भी DA प्रतिशत इन्हीं संकेतकों से तय किया जा रहा है।
कैसे की जाती है 7th Pay Commission के तहत DA की गणना?
DA बढ़ोतरी की गणना इस फॉर्मूले से की जाती है:
- DA% = [{पिछले 12 महीनों के लिए AICPI-IW औसत (2001 बेस) – 261.42} / 261.42] x 100
यहां CPI-IW के आधार वर्ष को 2016 से 2001 के बेस पर लाने के लिए गुणक 2.88 का इस्तेमाल होता है। उदाहरण के लिए, अगर CPI-IW का औसत स्कोर 143.3 है, तो इसे 2.88 से गुणा करने पर 412.70 आएगा। अब इस आंकड़े को ऊपर दिए गए फॉर्मूले में डालने से DA करीब 57.8% बनता है।
गणना के अनुसार, केंद्र सरकार 3% की अतिरिक्त DA वृद्धि कर सकती है, जिससे मौजूदा DA 55% से बढ़कर 58% तक पहुंच सकता है। इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को होगा जिनका मूल वेतन ₹25,000 है। उन्हें वर्तमान में ₹13,750 DA मिलता है, जो बढ़कर लगभग ₹14,500 हो सकता है। यह बढ़ोतरी विशेषकर त्योहारी सीजन से पहले, कर्मचारियों और पेंशनर्स को अतिरिक्त राहत देगी।