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MLA Priority Meeting: सुक्खू सरकार को लगा 50 हजार करोड़ का झटका! केंद्र के फैसले पर बिफरे सीएम, कुल्लू-मंडी के विकास का बनेगा नया प्लान

MLA Priority Meeting: ​शिमला:  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायक प्राथमिकता बैठक के दूसरे दिन के पहले सत्र में कुल्लू, मण्डी तथा शिमला जिला के विधायकों के साथ उनकी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तीन वर्षों के दौरान अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व…
MLA Priority Meeting
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HIGHLIGHTS
  • 50 हजार करोड़ का नुकसान: राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर संकट।
  • बंपर राजस्व प्राप्ति: पिछले तीन सालों में सुक्खू सरकार ने अपने दम पर 26,683 करोड़ रुपये जुटाए।
  • विधायकों की मांग: मनाली में आइस स्केटिंग रिंक, कुल्लू एयरपोर्ट विस्तार और मंडी बाईपास पर चर्चा।

MLA Priority Meeting: ​शिमला:  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायक प्राथमिकता बैठक के दूसरे दिन के पहले सत्र में कुल्लू, मण्डी तथा शिमला जिला के विधायकों के साथ उनकी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तीन वर्षों के दौरान अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व से लगभग 401 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ हुआ है और प्रतिवर्ष 20 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना में राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है जिससे राज्य को हर वर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 15वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 37,199 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। उन्होंने कहा कि यह राशि घटते अनुपात में राज्य को जारी की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2021-22 में 10,249 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 9,377 करोड़ रुपये, वर्ष 2023-24 में 8,057 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 6,249 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ।

50 हजार करोड़ का नुकसान: राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर संकट।

उन्होंने कहा कि अब 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान को बंद करने से प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान समाप्त करना हिमाचल जैसे पहाड़ी व कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के इस निर्णय से राज्य की विकास योजनाएं प्रभावित होंगी तथा प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाओं व वेतन एवं पेंशन इत्यादि पर भी विपरीत असर पड़ने की संभावना है। उन्होंने केन्द्र सरकार से हिमाचल की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करने तथा विशेष आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री कहा कि सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत-चीन सीमा पर शिपकी-ला दर्रे पर बॉर्डर टूरिज्म गतिविधियों की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 में पूर्वोत्तर राज्यों के लिए के लिए ‘बौद्ध सर्किट’ की घोषणा की गई ेहै लेकिन हिमाचल प्रदेश, जो बौद्ध संस्कृति का एक बड़ा केन्द्र है, यहां के बौद्ध सर्किट को इससे बाहर रखना भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं परन्तु पर्यटन के विकास के लिए किसी योजना का बजट में प्रावधान नहीं है।

बंपर राजस्व प्राप्ति: पिछले तीन सालों में सुक्खू सरकार ने अपने दम पर 26,683 करोड़ रुपये जुटाए।

जिला कुल्लू के मनाली विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि आरडीजी बंद होना प्रदेश के लिए अच्छा नहीं है और सभी को मिलकर केंद्र सरकार पर इसे बहाल करने के लिए दबाव डालना चाहिए। उन्होंने मनाली में आईस स्केटिंग रिंक का निर्माण करने और लेफ्ट बैंक सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने पर्यटन सीजन के दौरान पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने और बर्फ हटाने के लिए छोटी मशीनें प्रदान करने का आग्रह भी किया। कुल्लू विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कुल्लू हवाई अड्डे के विस्तार की मांग करते हुए कुल्लू के लिए हैली-टैक्सी सुविधा शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य को समयबद्ध पूरा करने और मणिकर्ण के लिए वैकल्पिक सड़क बनाने की मांग की, ताकि क्षेत्र में जाम की समस्या से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कुल्लू में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने का भी आग्रह किया।

विधायकों की मांग: मनाली में आइस स्केटिंग रिंक, कुल्लू एयरपोर्ट विस्तार और मंडी बाईपास पर चर्चा।

बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने बंजार क्षेत्र में सड़क व्यवस्था को मजबूत करने तथा बिजली की समस्या का समाधान करने के लिए बजौरा सब-स्टेशन को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने औट-लुहरी सड़क में सुधार लाने और लारजी में वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की मांग भी की। आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार ने आनी आदर्श स्वास्थ्य संस्थान में सुविधाएं सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने चिट्टा माफिया पर कड़ी कार्रवाई और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने बागवानों की सुविधा के लिए क्षेत्र में एंटी हेल गन स्थापित करने की मांग भी की। मंडी जिला करसोग विधायक दीपराज ने बैठक में करसोग आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवन का मामला उठाया। उन्होंने करसोग क्षेत्र में बस सुविधा बढ़ाने और क्षेत्र की सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने सीएचसी निहरी और पीएचसी बलग के भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने निहरी के लिए सतलुज से पानी उठाने और डैहर में पानी की सुविधा तथा सुंदरनगर में सीवरेज सुविधा में सुधार लाने की मांग की। उन्होंने आईटीआई डैहर के भवन तथा सुंदरनगर इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा करने का आग्रह किया।

नाचन के विधायक विनोद कुमार ने क्षेत्र में आपदा से प्रभावित फुटओवर ब्रिज बनाने, डिग्री कॉलेज में बन रहे इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने चैलचौक-पंडोह सड़क को सीआरआईएफ के तहत की मांग की। उन्होंने मंडी-जंजैहली सड़क के सुधारीकरण प्रस्ताव को स्वीकृत करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।
द्रंग के विधायक पूर्ण सिंह ठाकुर ने क्षेत्र की सड़कों में सुधार लाने और क्षेत्र में बस सेवा को बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने पधर से मंडी फोरलेन के बीच स्थानीय लोगों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने ज्वालापुर पीएचसी भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग भी की। जोगिंदर नगर के विधायक प्रकाश राणा ने अपने क्षेत्र में बंद सड़कों को खोलने और विधानसभा क्षेत्रफल के अनुपात में कर्मचारी तैनात करने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में पानी और बिजली की सुविधा में सुधार लाने का आग्रह भी किया।

धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने जोगिंदर नगर-धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने के लिए निर्माणाधीन लाल बहादुर शास्त्री सेतु का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की। उन्होंने धर्मपुर, संधोल और टिहरा स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने का आग्रह किया। उन्होंने धर्मपुर बस अड्डे को हर वर्ष होने वाले नुकसान को रोकने के लिए योजना बनाने की मांग की। उन्होंने अपने क्षेत्र में दूध के कलैक्शन सेंटर और चिलिंग प्लांट लगाने का आग्रह किया। बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने बल्ह विधानसभा क्षेत्र में अधूरे कलवर्ट और पुलों के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने अपने क्षेत्र में पीने के पानी की सुविधा प्रदान करने वाली परियोजनाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया।

मंडी के विधायक अनिल शर्मा ने बड़े वाहनों के लिए मंडी बाईपास सड़क का निर्माण करने का आग्रह किया। उन्होंने मंडी जेल को शिफ्ट करने की मांग की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पीने के पानी की योजनाओं को छह महीने के भीतर बहाल करने की सराहना करते हुए टारना स्टोरेज टैंक को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की। उन्होंने कोटली में बिजली की समस्या का समाधान करने का भी आग्रह किया। सरकाघाट के विधायक दिलीप ठाकुर ने सिविल अस्पताल सरकाघाट के भवन के अधूरे कार्य को पूरा करने के साथ-साथ क्षेत्र में चिकित्सकों के खाली पदों को भरने की मांग की। उन्होंने सरकाघाट क्षेत्र के लिए निर्माणाधीन पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की बात की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत सुधारने का आग्रह किया।

जिला शिमला के चौपाल विधायक बलबीर वर्मा ने सैंज-देहा-चौपाल सड़क के सुधारीकरण की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों में खाली पदों को भरने के साथ-साथ बर्फबारी के दौरान विद्युत की बेहतर व्यवस्था के लिए आपूर्ति शिलाई से प्रदान करने की बात की।
बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार सहित अन्य प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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