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Himachal News: हिमाचल हाईकोर्ट ने HRTC को दिया बड़ा झटका, 3 हफ्ते में नहीं हुआ समस्या का समधान तो होगी कार्यवाही

Himachal News: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय (Himachal Pradesh High Court) ने कर्मचारियों का बकाया एरियर न चुकाने पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट ने HRTC की वित्तीय संकट की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए निगम की एक सरकारी गाड़ी को तत्काल जब्त करने का आदेश दिया है और चेतावनी दी है कि अगर 3 हफ्ते में भुगतान नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
HRTC की इटियोस गाड़ी (HP-07-B-0222) को जब्त करने का आदेश। | (Source: Social Media)
HRTC की इटियोस गाड़ी (HP-07-B-0222) को जब्त करने का आदेश। | (Source: Social Media)
HIGHLIGHTS
  • वित्तीय संकट का बहाना नहीं चलेगा: हाईकोर्ट
  • कोर्ट की बड़ी कार्रवाई: गाड़ी जब्त, अधिकारियों को चेतावनी
  • 300 मामले लंबित, अगली सुनवाई 26 सितंबर को

Himachal News:  शिमला: अपने ही कर्मचारियों का बकाया एरियर और अन्य लाभ न देना हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) को बहुत भारी पड़ गया है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए न सिर्फ निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई, बल्कि निगम की एक सरकारी गाड़ी को भी जब्त करने का फरमान सुना दिया है। कोर्ट के इस फैसले से HRTC प्रबंधन और प्रदेश सरकार, दोनों में हड़कंप मच गया है।

वित्तीय संकट का बहाना नहीं चलेगा: हाईकोर्ट

यह पूरा मामला तब गरमाया जब HRTC के कर्मचारी अपने बकाया एरियर का भुगतान न होने पर एक बार फिर हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे। सुनवाई के दौरान HRTC की ओर से दलील दी गई कि निगम भारी वित्तीय संकट से जूझ रहा है और कर्मचारियों के भुगतान के लिए सरकार से 50 करोड़ रुपये की मांग की गई है। इस दलील पर न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की एकल पीठ ने बेहद तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि किसी भी संस्था को केवल वित्तीय संकट का हवाला देकर न्यायालय के आदेशों को अनिश्चितकाल तक टालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि पिछले आठ महीनों से आदेश का पालन न करना कर्मचारियों के साथ सीधा-सीधा अन्याय है।

कोर्ट की बड़ी कार्रवाई: गाड़ी जब्त, अधिकारियों को चेतावनी

अदालत के आदेश की लगातार हो रही अवहेलना से नाराज होकर कोर्ट ने निगम की एक इटियोस मॉडल की सरकारी गाड़ी (HP-07-B-0222) को तत्काल प्रभाव से जब्त करने और अगली सुनवाई तक उसके इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही, कोर्ट ने HRTC को एक अंतिम मौका देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि वह अगले तीन सप्ताह के भीतर सभी याचिकाकर्ताओं को उनके बकाया एरियर का भुगतान करे। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी आदेश का पालन नहीं हुआ, तो निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

300 मामले लंबित, अगली सुनवाई 26 सितंबर को

इस सुनवाई के दौरान HRTC के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद थे। आपको बता दें कि इस मुद्दे पर कर्मचारियों द्वारा HRTC के खिलाफ लगभग 300 मामले अदालत में लंबित हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर, 2025 को होगी। अब सभी की निगाहें परिवहन विभाग का जिम्मा संभाल रहे उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पर टिकी हैं कि वह हाईकोर्ट के इस कड़े फैसले और निगम की आर्थिक तंगी के बीच कर्मचारियों के भुगतान का रास्ता कैसे निकालते हैं।

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Web Title: Himachal high court orders to seize hrtc vehicle over non payment of arrears 286417
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