इस राज्य के किसी भी पुलिस थाने में क्राइम नहीं हुआ कंट्रोल तो SEO को डिमोशन कर बनाया जाएगा सब इंस्पेक्टर

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस महकमे को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जिस थाने या चौकी क्षेत्र में अपराध पर लगाम नहीं लगेगी, वहां के एसएचओ (SHO) का डिमोशन कर उन्हें सब-इंस्पेक्टर बना दिया जाएगा। सीएम ने कानून व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
इस राज्य के किसी भी पुलिस थाने में क्राइम नहीं हुआ कंट्रोल तो SEO को डिमोशन कर बनाया जाएगा सब इंस्पेक्टर
Haryana Law and Order Update

हरियाणा : हरियाणा में अपराधियों की खैर नहीं है, लेकिन अब पुलिस वालों को भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए पसीना बहाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था (Law and Order) को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। उनका यह हालिया बयान उन पुलिस अधिकारियों के लिए किसी 440 वोल्ट के झटके से कम नहीं है, जो अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतते हैं। सीएम ने साफ कर दिया है कि वर्दी पहनकर आराम करने के दिन अब लद गए हैं।

सीएम सैनी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिस भी पुलिस थाने (Police Station) या चौकी के क्षेत्र में अपराध का ग्राफ नीचे नहीं आएगा, वहां के इंचार्ज की खैर नहीं। उन्होंने भरी सभा में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एसएचओ (SHO) अपने इलाके में गुंडागर्दी और क्राइम कंट्रोल करने में नाकाम रहते हैं, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। सरकार अब सिर्फ फाइलें नहीं देखेगी, बल्कि जमीन पर रिजल्ट मांगेगी।

कंधे से घट जाएंगे सितारे

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नकारा अधिकारियों पर रहम नहीं किया जाएगा। ऐसे अधिकारियों का सीधे डिमोशन (Demotion) कर दिया जाएगा। यानी अगर कोई इंस्पेक्टर (SHO) अपना काम सही से नहीं कर पाया, तो उसे घटाकर सब-इंस्पेक्टर बना दिया जाएगा। थानेदार साहब की गाड़ी और रुतबा दोनों एक झटके में छिन जाएंगे। सरकार का मानना है कि जनता की सुरक्षा सबसे ऊपर है और अगर थाने का मुखिया ही ढीला है, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना लाजमी है।

इस आदेश के पीछे सरकार की मंशा प्रदेश में अपराध दर (Crime Rate) को जीरो टॉलरेंस पर लाना है। सीएम के इस बयान के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अब हर थानेदार को अपनी परफॉरमेंस सुधारनी होगी और बदमाशों पर नकेल कसनी होगी। अगर क्षेत्र में चोरी, लूट या स्नैचिंग की वारदातें बढ़ती हैं, तो अब बहाने नहीं चलेंगे, बल्कि सीधे थाने के प्रभारी पर गाज गिरेगी।

विज्ञापन