Budget 2026: क्या है महात्मा गांधी ग्राम स्वराज, जिसका निर्मला सीतारमण ने किया जिक्र? किसानों को होगा फायदा
Union Budget 2026 Agriculture Sector: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026–27 पेश करते हुए कपड़ा और विनिर्माण क्षेत्र के लिए कई बड़े और दूरगामी ऐलान किए। सरकार की नई राष्ट्रीय फाइबर योजना (National Fiber Plan) को देश के टेक्सटाइल सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यह योजना न सिर्फ रेशम और जूट जैसे प्राकृतिक रेशों के पुनरुद्धार पर केंद्रित है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती से मुख्यधारा से जोड़ने का रोडमैप भी पेश करती है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक वैश्विक कपड़ा बाजार में भारत की हिस्सेदारी 5% से अधिक करने का है। इस दिशा में समर्थ-2.0 और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज जैसी पहलें गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। कौशल विकास, नवाचार और निर्यात आधारित विकास के जरिए देशभर में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया गया है।
रेशम और जूट बने राष्ट्रीय फाइबर योजना का आधार
नेशनल फाइबर प्लान के तहत रेशम और जूट के उत्पादन, वैल्यू एडिशन और विविधीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वैश्विक मांग को देखते हुए किसानों और बुनकरों को आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी और ग्रामीण इलाकों में स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
समर्थ-2.0 और हैंडलूम मिशन से कौशल को बढ़ावा
- टेक्सटाइल सेक्टर में स्किल गैप को दूर करने के लिए समर्थ-2.0 लॉन्च किया गया है।
- पारंपरिक बुनकरों और आधुनिक मशीन ऑपरेटरों के बीच की खाई पाटने पर फोकस।
- हैंडलूम मिशन के तहत कारीगरों को वित्तीय सहायता और वैश्विक बाजार तक पहुंच।
- युवाओं को आधुनिक डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग का प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल
ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प के जरिए गांवों में ही रोजगार के अवसर पैदा करना है। एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) से जोड़कर स्थानीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग। ग्रामीण युवाओं को पारंपरिक हुनर को व्यवसाय में बदलने के लिए तकनीकी और आर्थिक सहायता।
मेगा टेक्सटाइल पार्क और 200 लीगेसी क्लस्टर
औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए देशभर में PM MITRA मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे, जो “फार्म से फॉरेन” रणनीति पर काम करेंगे। इसके साथ ही, 200 लीगेसी क्लस्टर्स की पहचान की गई है, जहां सदियों पुरानी बुनाई और शिल्प परंपराओं को आधुनिक सुविधाओं और नवाचार केंद्रों के साथ पुनर्जीवित किया जाएगा। इन पहलों के जरिए सरकार भारत को एक मजबूत ग्लोबल टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।