सरकारी कर्मचारियों की लॉटरी! बजट के बीच आई बड़ी खुशखबरी, अब इतनी बढ़कर आएगी सैलरी
- AICPI इंडेक्स के आंकड़ों ने दी बड़ी राहत
- 5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 63% होगा डीए
- सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?
- कब होगा आधिकारिक ऐलान?
- महंगाई भत्ते की गणना का जटिल गणित
- पेंशनभोगियों के लिए भी खुशखबरी
- आर्थिक विशेषज्ञों की राय
नई दिल्ली: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बजट सत्र के गहमागहमी के बीच एक ऐसी खबर आई है, जिसने उनकी खुशी को दोगुना कर दिया है और सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में सरकारी कर्मचारियों की जेब में पहले से कहीं ज्यादा पैसा आने वाला है। महंगाई के इस दौर में यह खबर किसी संजीवनी से कम नहीं है। दरअसल, जनवरी 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो चुकी है।
AICPI इंडेक्स के आंकड़ों ने दी बड़ी राहत
महंगाई भत्ते की गणना के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) होता है और श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले लेबर ब्यूरो ने दिसंबर 2025 के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर महीने में सूचकांक 148 और 2 अंक पर स्थिर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि नवंबर में भी यह आंकड़ा इसी स्तर पर था। सूचकांक में इस स्थिरता ने विशेषज्ञों को यह अनुमान लगाने। का ठोस आधार दे दिया है कि अगली बढ़ोतरी कितनी होगी।
5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 63% होगा डीए
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 58 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो जुलाई 2025 से प्रभावी है। अब दिसंबर के आंकड़ों के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि सरकार इसमें 5 फीसदी का इजाफा करेगी और यदि ऐसा होता है, तो कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने भी इस पर मुहर लगाते हुए कहा है कि सूचकांक की वर्तमान स्थिति 5 प्रतिशत की वृद्धि की ओर स्पष्ट इशारा कर रही है।
सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?
डीए में 5 फीसदी की बढ़ोतरी का मतलब है कि कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में एक बड़ा उछाल आएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो 5% की बढ़ोतरी से उसकी मासिक आय में 900 रुपये का सीधा इजाफा होगा। वहीं, उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों, जिनकी बेसिक सैलरी 2. 5 लाख रुपये के करीब है, उनकी सैलरी में हर महीने 12,500 रुपये की बड़ी वृद्धि देखने को मिलेगी। यह वृद्धि केवल सैलरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लाभ पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) के रूप में भी मिलेगा।
कब होगा आधिकारिक ऐलान?
आमतौर पर केंद्र सरकार जनवरी से लागू होने वाले डीए की घोषणा मार्च के महीने में होली के आसपास करती है। हालांकि, यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी मानी जाएगी। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को जनवरी और फरवरी महीने का एरियर (Arrears) भी दिया जाएगा। बजट सत्र के दौरान इस तरह की सकारात्मक खबरों से सरकारी गलियारों में उत्साह का माहौल है।
महंगाई भत्ते की गणना का जटिल गणित
कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर यह डीए कैसे तय होता है? इसके लिए सरकार एक खास फॉर्मूले का इस्तेमाल करती है: [{(पिछले 12 महीनों का औसत AICPI-IW × 2 और 88) − 261. 41} / 261. 41] × 100। इस फॉर्मूले में औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के 12 महीनों के औसत को शामिल किया जाता है। यह डेटा सीधे तौर पर बाजार में वस्तुओं की बढ़ती। कीमतों को दर्शाता है, ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे।
पेंशनभोगियों के लिए भी खुशखबरी
यह खबर केवल सेवारत कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि देश के करीब 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्हें मिलने वाली महंगाई राहत (DR) में भी समान रूप से 5 फीसदी की वृद्धि होगी और इससे बुजुर्गों को अपनी स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक खर्चों को मैनेज करने में बड़ी मदद मिलेगी। सरकार का यह कदम बढ़ती खुदरा महंगाई के बीच एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।
आर्थिक विशेषज्ञों की राय
आर्थिक जानकारों का मानना है कि डीए में बढ़ोतरी से बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा। जब लाखों कर्मचारियों के हाथ में अतिरिक्त पैसा आएगा, तो वे। खर्च भी करेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी। हालांकि, सरकार के खजाने पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन कर्मचारियों के। कल्याण और महंगाई से संतुलन बिठाने के लिए यह एक आवश्यक कदम है।
