Gold Price Crash: 1 अप्रैल 2025 से सोना हो गया सस्ता! 38% गिर सकता है भाव, जानिए क्या है वजह

Gold Price Crash: आज के इस लेख में हम आपको सोने की कीमतों (Gold Prices) में आने वाली संभावित गिरावट के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। सोने की कीमतें (Gold Prices) इस समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं और पिछले कुछ समय में इसमें जबरदस्त तेजी आई है। इससे जहां निवेशकों को फायदा हुआ, वहीं शादी-ब्याह (Wedding) या निजी उपयोग के लिए सोने के जेवरात (Gold Jewelry) खरीदने वालों के लिए ये मुश्किलें खड़ी कर रहा है।

भारत (India) में 31 मार्च को 24 कैरेट सोने की कीमत 89,510 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अगर इसमें 38% की गिरावट आती है, तो यह घटकर 55,496 रुपये प्रति 10 ग्राम हो सकता है। अमेरिकी फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म Morningstar  के एनालिस्ट जॉन मिल्स (Jon Mills) का कहना है कि सोने की कीमत $1,820 प्रति औंस तक गिर सकती है, जो कि मौजूदा स्तर से करीब 38% कम होगा। इस गिरावट से पिछले एक साल में हुई सभी बढ़त खत्म हो सकती है।

सोने की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं। भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions), अर्थव्यवस्था (Economy) की अनिश्चितता और महंगाई (Inflation) का खतरा प्रमुख कारण हैं। इन सभी कारणों से निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Investment) की तलाश में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड वॉर ने वैश्विक अस्थिरता (Global Instability) बढ़ाई है, जिससे गोल्ड की कीमतों को बढ़ावा मिला है।

सोने की सप्लाई (Supply) तेजी से बढ़ रही है। जब सोना महंगा होता है, तो ज्यादा लोग इसे खनन (Mining) करने लगते हैं। 2024 की दूसरी तिमाही में सोना निकालने वालों का औसत मुनाफा $950 प्रति औंस था, जो 2012 के बाद सबसे ज्यादा है। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया (Australia) जैसे देश बड़े पैमाने पर सोने का उत्पादन बढ़ा रहे हैं, जिससे बाजार में उपलब्ध सोने की मात्रा और बढ़ रही है। जब सप्लाई अधिक होती है, तो कीमतों पर दबाव बढ़ता है, जिससे कीमतें गिर सकती हैं।