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बड़ी उपलिब्ध || हिमाचल का बेटा 23 की उम्र में बना जज, हासिल किया चौथा स्थान, गांव में खुशी की लहर

बड़ी उपलिब्ध || बिलासपुर। कहते हैं कि अगर कड़ी मेहनत के साथ साथ परिवार का साथ मिल जाए तो कोई भी बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। इस बात को सच कर दिखाया है हिमाचल के बिलासपुर जिला के घुमारवीं के 23 साल के विकास ठाकुर ने। विकास ठाकुर जज बन गए हैं। दुकानदार […]
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HIGHLIGHTS
  • प्रदेश भर में हासिल किया चौथा स्थान
  • पिता चलाते हैं दुकान

बड़ी उपलिब्ध || बिलासपुर। कहते हैं कि अगर कड़ी मेहनत के साथ साथ परिवार का साथ मिल जाए तो कोई भी बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। इस बात को सच कर दिखाया है हिमाचल के बिलासपुर जिला के घुमारवीं के 23 साल के विकास ठाकुर ने। विकास ठाकुर जज बन गए हैं। दुकानदार पिता के बेटे विकास ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा 2023 परीक्षा में सिविल जज एवं ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का पद हासिल किया है।

प्रदेश भर में हासिल किया चौथा स्थान

शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने न्यायिक सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित किया। जिसमें विकास ठाकुर ने प्रदेश भर में चौथा स्थान हासिल किया। बेटे की इस कामयाबी से दुकानदार पिता काफी खुश हैं। बड़ी बात यह है कि विकास ठाकुर का बड़ा भाई विशाल ठाकुर भी सिविल जज है और उत्तर प्रदेश में सेवाएं दे रहा है।

पिता चलाते हैं दुकान

बता दें कि विकास ठाकुर का चयन इससे पहले इसी वर्ष मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा (Madhya Pradesh Judicial Service) में भी हुआ था और वह इस समय इंदौर में बतौर जज सेवाएं दे रहे हैं। विकास ठाकुर के पिता नंदलाल ठाकुर एक दुकानदार हैं। जबकि माता बिन्द्रा ठाकुर एक गृहिणी हैं। दोनों बेटों की इस कामयाबी से माता पिता के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। पढ़ाई की बात करें तो विकास ठाकुर ने अपनी बीए एलएलबी (ऑनर्स) एवं एलएलएम की पढ़ाई पंजाब यूनिवर्सिटीए चंडीगढ़ से की है। विकास ठाकुर ने पंजाब यूनिवर्सिटी के एनएनएम प्रवेश परीक्षा में भी देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया था। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के एआईएलईटी 2021 की एलएलएम की प्रवेश परीक्षा में भी देश भर में 13वां स्थान हासिल किया था।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा निजी स्कूल कल्लर से और 9वीं से 12वीं तक की शिक्षा भी निजी स्कूल घुमारवीं से हासिल की है। विकास ठाकुर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और अपने बड़े भाई को दिया है विकास ने कहा कि उनके माता पिता के संघर्ष के चलते ही आज हम दोनों भाई जज बन पाए हैं। विकास ने कहा कि अगर कड़ी मेहनत की जाए तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।

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Web Title: Himachals son became a judge at the age of 23 secured fourth position