Chamba के इन भाई-बहन को घर से खींचकर ले गया काल, लैंडस्लाइड देखने गए और जिंदा निगल गई पहाड़ी

Chamba Landslide Tragedy: चंबा: जितना दर्दनाक इन भाई-बहन के साथ हुआ, भगवान ऐसा किसी के साथ ना करे। काल इन दोनों को घर से खींच कर ले गया। चंबा जिले के बसोधन गांव में एक हंसते-खेलते परिवार की दुनिया एक पल में उजाड़ दी। यहां कुदरत के कहर ने एक भाई और बहन को एक साथ हमेशा के लिए छीन लिया। सबसे दर्दनाक बात यह है कि मौत उन्हें घर से बाहर खींचकर उस जगह ले गई, जहां उनका काल पहले से ही इंतजार कर रहा था।

मौत का बहाना भी क्या बना। दोनों एक साथ घर से टहलने निकले। घर के पास लैंडस्लाइड हुआ था तो दोनों ने सोचा कि टहल भी आएंगे और लैंडस्लाइड भी देख आते हैं कि कितना मलबा आया है। दोनों भाई-बहन चंबा जिला के बसोधन के रहने वाले थे। भाई का नाम राहुल है और बहन का वंदना। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। कुदरती आपदा का कहर इस परिवार पर ऐसा बरपा कि दोनों नौजवान बच्चे एक साथ एक झटके में छीन लिए। सोचिए उन मां-बाप पर क्या बीत रही होगी, उनका क्या हाल हो रहा होगा कि जिनकी हंसती-खेलती दुनिया एक पल में, एक झटके से उजड़ गई।

बताया जा रहा है कि दोनों भाई-बहन घर पर ही मौजूद थे, ठीक-ठाक थे। लेकिन वो कहते हैं ना कि वक्त और मौत किसी के लिए नहीं रुकते। वक्त का पहिया घूमता जाता है और मौत जब, जहां, जैसे, जिसे आनी है, वैसे ही आनी है। फिर चाहे हमें मरने के लिए घर से बाहर ही क्यों ना जाना पड़े। ठीक ऐसा ही इनके साथ भी हुआ। इनकी मौत आई तो ये लैंडस्लाइड देखने निकल पड़े। चंबा में बरपी कुदरती आपदा के बीच इनके बसोधन स्थित घर से कुछ ही दूरी पर बड़ा लैंडस्लाइड हुआ, जिसे देखने के लिए दोनों भाई-बहन घर से बाहर आ गए। इन लोगों ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि ये घर से बाहर निकल तो रहे हैं लेकिन जीवित वापस नहीं लौट पाएंगे। ये दोनों खड़े होकर मौके का मंजर देख रहे थे कि तभी अचानक पहाड़ी से और मलबा आ गया। भाई-बहन दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन शायद वो इनका काल ही था जिसने इन्हें घर से निकालकर यहां बुला लिया और बहाना बना लैंडस्लाइड देखने का।

जैसे ही पहाड़ी से मलबा आया तो ये दोनों इस मलबे की चपेट में आ गए, नीचे दफन हो गए। जिसके बाद तुरंत ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों भाई-बहनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जहां परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं ग्रामीण भी इस अचानक हुई घटना से पूरी तरह से स्तब्ध हो गए हैं।

लेकिन देखिए, इन दोनों भाई-बहनों को, अभी तो इनका जीवन शुरू ही हुआ था। जवानी की दहलीज पर कदम रखा था और भगवान ने दोनों की जिंदगी छीन ली। मां-बाप से बेटा और बेटी दोनों एक साथ छीन लिए। बता दें कि चंबा जिला में भारी बारिश के बाद हालात काफी गंभीर बने हुए हैं। जैसे वहां पर नेटवर्क रिस्टोर हुआ तो अब चौंकाने वाली तस्वीरें और मामले सामने आ रहे हैं। भूस्खलन से जहां पवित्र मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते पर फंस कर रह गए तो वहीं चंबा का सलूणी गांव रावी नदी में समा रहा है और आधा तो इस नदी की भेंट चढ़ भी चुका है। दोनों बच्चों के परिजनों का बुरा हाल है। कहां परिवार ने इनके लिए तरह-तरह के सपने संजोए थे, इनके भविष्य को लेकर कई तरह की प्लानिंग की थी, तो कहां वो सारे सपने एक झटके में टूट गए और ये दोनों अपने छूट गए। खैर, भगवान दोनों की आत्मा को शांति दे और दुखी परिवार को दुख सहने की शक्ति। साथ ही भगवान से प्रार्थना है कि इन दोनों भाई-बहन के प्यार को जन्नत में भी सलामत रखे।