Himachal Disaster Relief: शिमला। हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं की विनाशकारी मार झेल रहा है। बीते दो वर्षों में राज्य ने मानसूनी कहर, भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ जैसी आपदाओं के चलते अभूतपूर्व तबाही का सामना किया है। जान.माल का जो नुकसान हुआ है, उसने पूरे प्रदेश को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस सब के बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाल कर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने केंद्र पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक कोई भी विशेष राहत राशि जारी नहीं की गई है।
तबाही के दौर से गुजर रहा हिमाचल
हिमाचल में 2023 और 2024 के मानसून सीजन ने कहर बरपाया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में प्रदेश को 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों की जानें गईं और हजारों घर तबाह हो गए। वहीं 2025 के मौजूदा मानसून में अब तक करीब 2,800 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो चुकी है। भूस्खलन और भारी बारिश के कारण सड़कें टूट गईं, पुल बह गए, हजारों लोग विस्थापित हो गए और जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
केंद्र से अब तक सिर्फ SDRF फंड
सीएम सुक्खू ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य को अब तक केंद्र से जो भी आर्थिक सहायता मिली है, वह सिर्फ SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) के तहत है, जो हर राज्य को नियमानुसार मिलती है। उन्होंने कहा कि यह राहत अपर्याप्त है और विशेष आपदा की स्थिति को देखते हुए अलग से आर्थिक सहायता अत्यंत आवश्यक है।
राज्य सरकार अपने दम पर दे रही राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद आपदा प्रभावितों तक राहत पहुंचाने के हरसंभव प्रयास किए हैं। राज्य सरकार द्वारा घोषित राहत के तहत जिनके घर पूरी तरह तबाह हो गए, उन्हें 7 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। घर के सामान व कपड़े के लिए 70 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। आंशिक रूप से प्रभावित घरों को 25 हजार से 1 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। जिनके पशुधन को नुकसान हुआ है, उन्हें 55 हजार रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
गौरतलब है कि 2023 में हिमाचल विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से इस भीषण त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की गई थी। लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दो दिन पहले भी हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में पक्ष और विपक्ष ने एकमत से हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू का केंद्र पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा:
“हमारे लोग आपदा से उजड़ गए, घर बह गए, जिंदगियां बिखर गईं। पर अफ़सोस, केंद्र सरकार की ओर से अब तक विशेष राहत पैकेज नहीं आया। जब वक्त की मार सबसे भारी होती है तो राहत का इंतजार और भी दर्दनाक हो जाता है। अब जब जनता का दुख आसमान छू रहा है, तब केंद्र की चुप्पी किसकी सेवा कर रही है? क्या आपदा भी अब राजनीति के तराज़ू पर तौली जाएगी?”