चंबा: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत लेकिन चुनौतीपूर्ण पहाड़ियां एक बार फिर एक युवा जिंदगी के लिए काल बन गईं। चंबा जिले के दुर्गम क्वारसी-नागडल ट्रैक पर गए एक स्थानीय ट्रैकर राहुल कुमार की मौत हो गई है। प्रशासन ने उसे बचाने के लिए एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और उसे एयरलिफ्ट भी किया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जानकारी के अनुसार चंबा के बसौधन गांव का रहने वाला राहुल कुमार क्वारसी-नागडल की ओर ट्रैकिंग पर गया हुआ था। इसी दौरान नागडल में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि वह चलने-फिरने की स्थिति में भी नहीं था और उसे सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही थी। इसी बीच उस इलाके में मौजूद कुछ स्थानीय गद्दी चरवाहों की नजर राहुल पर पड़ी। उन्होंने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत उसकी देखभाल शुरू की और किसी तरह इस मामले की सूचना प्रशासन तक पहुंचाई। सूचना मिलते ही प्रशासन फौरन हरकत में आया और एनडीआरएफ (NDRF) समेत अन्य बचाव दलों को मौके के लिए रवाना किया।
घंटों चला रेस्क्यू, एयरलिफ्ट करके भी नहीं बची जान
बचाव दलों ने दुर्गम इलाके में कड़ी मशक्कत के बाद राहुल को नागडल से निकाला और मंगलवार को उसे होली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। राहुल की बिगड़ती हालत को देखते हुए, परिजनों और प्रशासन ने उसे हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयरलिफ्ट कर चंबा के मेडिकल कॉलेज ले जाने का फैसला किया। आज दोपहर उसे एयरलिफ्ट कर चंबा के करियां स्थित एनएचपीसी हेलीपैड पर उतारा गया। यहां एनएचपीसी अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज चंबा ले जाया जा रहा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचने से पहले ही राहुल ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
घटना की पुष्टि करते हुए डीसी चंबा मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि प्रशासन ने युवक को रेस्क्यू करने और एयरलिफ्ट करने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद राहुल के परिवार और पूरे इलाके में मातम का माहौल है।