Success Story: स्कूल के दिनों से देखा था IAS बनने का सपना, परीक्षा में चार बार फेल होने पर नहीं मानी हार आज बन गई अफसर

Success Story: हर साल लाखों युवा UPSC (Union Public Service Commission) की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन यह परीक्षा इतनी कठिन होती है कि केवल कुछ ही उम्मीदवार इसे पास कर पाते हैं। आज हम आपको एक ऐसी IAS (Indian Administrative Service) अफसर की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने ...

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Success Story: हर साल लाखों युवा UPSC (Union Public Service Commission) की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन यह परीक्षा इतनी कठिन होती है कि केवल कुछ ही उम्मीदवार इसे पास कर पाते हैं। आज हम आपको एक ऐसी IAS (Indian Administrative Service) अफसर की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने चार बार असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी और आखिरकार पांचवें प्रयास में UPSC क्रैक कर IAS बनीं। आईए इस ब्लॉग में आज हमें इसके बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

IAS अफसर तृप्ति कलहंस की सक्सेस स्टोरी
IAS अफसर तृप्ति कलहंस की सक्सेस स्टोरी

IAS अफसर तृप्ति कलहंस की सक्सेस स्टोरी

यह कहानी है IAS अफसर तृप्ति कलहंस (Tripti Kalhans) की, जो उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोंडा (Gonda) जिले की रहने वाली हैं। तृप्ति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वहीं के एक स्कूल से पूरी की। स्कूली दिनों से ही उन्होंने IAS बनने का सपना देखा था। 12वीं के बाद वह दिल्ली (Delhi) चली आईं और 2017 में दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के कमला नेहरू कॉलेज (Kamala Nehru College) से बीकॉम ऑनर्स (B.Com Hons) की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेल्फ स्टडी (Self Study) के जरिए UPSC सिविल सर्विस परीक्षा (Civil Services Examination) की तैयारी शुरू कर दी।

Success Story:  IAS अफसर तृप्ति कलहंस की सक्सेस स्टोरी
Success Story: IAS अफसर तृप्ति कलहंस की सक्सेस स्टोरी

2018 में पहली बार दिया UPSC का एग्जाम

तृप्ति ने पूरी मेहनत और लगन से तैयारी की और साल 2018 में पहली बार UPSC की परीक्षा दी। लेकिन जब रिजल्ट (Result) आया, तो उन्हें बड़ा झटका लगा, क्योंकि वह अपने पहले प्रयास में प्रीलिम्स (Prelims) भी पास नहीं कर पाईं। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से तैयारी शुरू कर दी।

लगातार असफलता के बावजूद नहीं मानी हार

अपने पहले तीन प्रयासों में तृप्ति UPSC की प्रारंभिक परीक्षा तक भी पास नहीं कर पाईं। बार-बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी गलतियों को पहचाना और परीक्षा की रणनीति (Strategy) में बदलाव किया। चौथे प्रयास में उन्होंने प्रीलिम्स परीक्षा पास कर ली, लेकिन मुख्य परीक्षा (Mains) में असफल रहीं। इस असफलता ने उन्हें और भी अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

चार बार असफल होने के बाद तृप्ति ने अपनी तैयारी को और मजबूत करने के लिए एक साल का ब्रेक लिया। इस दौरान उन्होंने अपनी कमजोरियों को समझा और उन पर काम किया। उन्होंने अपनी रणनीति में सुधार किया और इस बार परीक्षा के हर चरण पर विशेष ध्यान दिया। आखिरकार, साल 2023 में उन्होंने UPSC सिविल सर्विस परीक्षा पास कर ली और ऑल इंडिया रैंक (All India Rank) 199 हासिल की। उनकी यह सफलता न केवल उनके कठिन परिश्रम और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अगर इंसान सच्चे दिल से मेहनत करता है, तो उसे सफलता जरूर मिलती है।

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