Success story of Rahul Singh: छत्तीसगढ़ के भिलाई में जन्मे राहुल सिंह ने अपनी मेहनत और दूरदृष्टि से बिजनेस की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। कभी एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे राहुल ने अपनी काबिलियत के दम पर अमेरिका तक का सफर तय किया और फिर वहां की नौकरी छोड़कर भारत लौटे। आज वह कूड़े-करकट से करोड़ों की कंपनी खड़ी कर चुके हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। राहुल सिंह का जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई में हुआ था। उनके पिता एक सरकारी कर्मचारी थे और परिवार का आर्थिक स्तर सामान्य था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा शहर के एक सरकारी स्कूल में पूरी की। पढ़ाई में अव्वल रहने वाले राहुल ने आगे चलकर साल 2005 में सूरत से बीटेक (B.Tech) किया और फिर जमशेदपुर के प्रतिष्ठित “जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट” से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की।
अमेरिका में 11 साल की नौकरी छोड़ बनाई खुद की पहचान
एमबीए के बाद राहुल को अमेरिका की एक बड़ी कंपनी में नौकरी मिल गई। वहां उन्होंने 2008 से 2019 तक कई प्रतिष्ठित कंपनियों में काम किया और जबरदस्त अनुभव हासिल किया। लेकिन उनके मन में हमेशा से कुछ नया और बड़ा करने का सपना था। इसी सोच के चलते उन्होंने 2019 में अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया।
कूड़े से बना डाली करोड़ों की कंपनी
भारत लौटने के बाद राहुल ने देखा कि देश में वेस्ट मैनेजमेंट (Waste Management) एक बड़ी समस्या है। उन्होंने इस चुनौती को अवसर में बदला और एक अनोखा स्टार्टअप शुरू किया। उनका उद्देश्य बेकार कचरे को रिसाइकिल (Recycle) करके उपयोगी उत्पाद बनाना था। कड़ी मेहनत और सही रणनीतियों के दम पर उन्होंने धीरे-धीरे अपनी कंपनी को खड़ा किया। आज उनकी कंपनी लाखों टन कचरे को रिसाइकिल कर उसे दोबारा उपयोग में लाने लायक बनाती है।
बिजनेस भी बनाया पर्यावरण भी बचाया
मॉडर्न लाइफस्टाइल के कारण पर्यावरण को जो नुकसान पहुंच रहा है राहुल हमेशा से उस बारे में सोचते थे, अपने बिजनेस को भी उन्होंने इसी सोच के चलते शुरू किया। राहुल सिंह जब अमेरिका में थे तब उनकी मुलाकात अरविंद गणेशन से हुई, दोनों ने मिलकर ही साल 2020 में इकोसोल होम (EcoSoul Home) नाम से एक कंपनी की शुरुआत की। ये शुरुआत भी आसान नहीं थी क्योंकि इसके लिए राहुल को अपना घर बेचना पड़ा था। शुरुआत भले ही आसान ना रही हो लेकिन सफल ज़रूर रही, राहुल की कंपनी ने बांस और पेड़ के पत्तों से इकोफ्रेंडी प्रोडक्ट्स को बनाना शुरू किया। उनके ये प्रोडक्ट्स लोगों को पसंद आए और बिजनेस चल पड़ा। 2022 में राहुल भारत वापस लौट आए और अपने बिजनेस को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने भारत समेत अमेरिका, कनाडा, यूके, जर्मनी जैसे देशों में बिजनेस को आगे बढ़ाया।
कबाड़ से करोड़ों की खड़ी कर दी कंपनी?
आज इस कंपनी की 150 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। साथ ही राहुल सिंह की इस कंपनी का बिजनेस 300 करोड़ से भी ज्यादा का हो चुका है। पर्यावरण के लिए भी राहुल सिंह का ये बिजनेस प्रोडक्ट काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। इस कंपनी के जरिए उन्होंने अब तक 1.3 मिलियन टन प्लास्टिक को इस्तेमाल होने से उन्होंने बचाया है। राहुल ने इस कंपनी के जरिए ना सिर्फ अपने बिजनेसमैन बनने का सपना पूरा किया बल्कि पर्यावरण के भले के लिए भी काम किया।