हिमाचल में मेडिकल रिंबर्समेंट की बजाय इंश्योरेंस मॉडल को अपनाना चाहिए: डॉक्टर जनक राज

​​शिमला: भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कैशलेस प्रस्ताव पर दुख जताते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी क्षेत्र के अस्पतालों में खासतौर पर आईजीएमसी (IGMC), टांडा मेडिकल कॉलेज, और आर.पी.जी.एम.सी. (RPGMC) नाहन में सरकारी एम.आर.आई. (MRI) और सी.टी. ...

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​​शिमला: भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कैशलेस प्रस्ताव पर दुख जताते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी क्षेत्र के अस्पतालों में खासतौर पर आईजीएमसी (IGMC), टांडा मेडिकल कॉलेज, और आर.पी.जी.एम.सी. (RPGMC) नाहन में सरकारी एम.आर.आई. (MRI) और सी.टी. स्कैन (CT Scan) जैसी सुविधाएं बंद पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार टेंडर देने के बावजूद यह सुविधाएं चालू नहीं हो रही हैं, जिससे मरीजों को निजी सी.टी. स्कैन (CT Scan) और एम.आर.आई. (MRI) केंद्रों में ऊंची दरों पर जांच करवानी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मेडिकल रिंबर्समेंट (Reimbursement) की जगह इंश्योरेंस मॉडल अपनाया जाए, जिससे सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाने के लिए सरकार को टेलीमेडिसिन (Telemedicine) सेवाओं को बढ़ावा देना चाहिए। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सकेगी। उन्होंने आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) और सीएमएचपीएस (CMHPS) जैसी योजनाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि आम लोगों को अधिकतम लाभ मिल सके। भाजपा विधायक ने सरकार से मांग की कि वह सरकारी अस्पतालों में एम.आर.आई. (MRI) और सी.टी. स्कैन (CT Scan) जैसी सुविधाओं को जल्द से जल्द बहाल करे और इंश्योरेंस मॉडल को लागू करने पर ध्यान दे।