अभी-अभी

Great Ratan Tata || ऐसी दरियादिली और कहां ! रतन टाटा ने पैसे देकर बचा ली 115 कर्मचारियों की नौकरी,

नई दिल्ली:  भारत के प्रसिद्ध उद्यमी रत्न टाटा ने एक बार फिर दरियादिली दिखाते हुए बचा ली 115 कर्मचारियों की नौकरी तभी तो इन्हे भारत रत्न देने की मांग उठती है I हुआ यूँ की टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज ने अपने 115 कर्मचारियों को टरमिनेट कर दिया था I लेकिन रत्न टाटा के हस्ताक्षेप […]
An image of featured content
This is the caption text

नई दिल्ली:  भारत के प्रसिद्ध उद्यमी रत्न टाटा ने एक बार फिर दरियादिली दिखाते हुए बचा ली 115 कर्मचारियों की नौकरी तभी तो इन्हे भारत रत्न देने की मांग उठती है I हुआ यूँ की टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज ने अपने 115 कर्मचारियों को टरमिनेट कर दिया था I लेकिन रत्न टाटा के हस्ताक्षेप से उनकी (job) बच गयी I बता दे की संस्थान ने 28 जून को अपने कर्मचारियों को थमा दिया था I टर्मिनेशन लेटर पर अब टाटा एजुकेशन ने बढ़ा दिया इंस्टिट्यूट को ग्रांट भारत के प्रसिद्ध उद्यमी रत्न टाटा ने एक बार फिर दरियादिली दिखाते हुए बचा ली 115 कर्मचारियों की नौकरी तभी तो इन्हे भारत रत्न देने की मांग उठती है I हुआ यूँ की टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज ने अपने 115 कर्मचारियों को टरमिनेट कर दिया था I लेकिन रत्न टाटा के हस्ताक्षेप से उनकी (job) बच गयी I

बता दे की संस्थान ने 28 जून को अपने कर्मचारियों को थमा दिया था I टर्मिनेशन लेटर पर अब टाटा एजुकेशन ने बढ़ा दिया I (????) ने मुंबई, तुलजापुर, हैदराबाद, (GUVAHATI) मे 115 कर्मचारियों की छटनी की घोषणा की थी इनमें 55 फेकेल्टी (MEMBERS) और (non- teaching) स्टाफ शामिल था I 28 जून को उन्हे नोटिस जारी कर बताया गया की 30 जून 2024 के बाद उनका कांट्रेक्ट खत्म हो जायेगा लेकिन (Rattan Tata ) एजुकेशन ट्रस्ट ने इंस्टिट्यूट को ग्रांट बढ़ाने का भरोसा दिया है I तब जाकर संस्थान ने कर्मचारियों का टर्मिनेशन वापस ले लिया I बताते चले की कोरोना काल मे ज़ब कम्पनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियो की कांट छांट कर रही थी उस वख्त रत्न टाटा ने इसका जमकर विरोध किया था I उन्होंने कहा था की कोरोना के समय लोगों के प्रति कम्पनियो की जिम्मेदारी बनती है I 

रत्न टाटा के इन्ही सराहनीय कार्यों के चलते उनको भारत रत्न सम्मान देने की मांग समय समय पर उठती रही वर्ष 2000 मे पदम् भूषण 2008 मे पदम् विभूषण सम्मानित किया जा चूका है I 28 दिसम्बर 1937 को रत्न टाटा का जन्म हुआ और 1991-2012 तक टाटा ग्रुप के (chairman) रहे और इस समय मे टाटा ग्रुप को आसमान तक पहुँचाया I 

रत्न टाटा एक ट्रेंड पायलट भी रह चुके है I रविवार का दिन था   डाक्टर एयर एम्बुलेंस का जुगाड़ कर रहे थे I ज़ब यह समस्या रत्न टाटा को बताई गयी तो वो  कम्पनी का प्लेन उडाने को तैयार हो गए 

विज्ञापन
Web Title: Where else is such generosity ratan tata saved the jobs